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ज्ञान ज्योति का पावन मंदिर,
मानवता का हार है |
एकात्मता का निलय सुन्दर, सद्ज्ञान का परिवार है |
महाविद्यालय : एक दृष्टी में
दशरथ संस्थान हरिहरपुर गाजीपुर ऊ० प्र० में की
गयी |" उत्तिष्ठ जाग्रत प्राप्य वरात्रि वोधत " अर्थात उठो, जागो
और उच्चता को प्राप्त करो का सन्देश लिये हुए यह महाविद्यालय अपने
उच्चतम लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं |
महाविद्यालय में पुस्तकालय, वाचनालय एवं बुक बैंक की सुविधा उपलब्ध
है | शिक्षणेत्तर कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रीड़ा प्रशिक्षण,
कार्यक्रम में महाविद्यालय की सक्रिय सहभागिता रहती हैं |
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